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बताएं कि कैसे 'सेंट्रीफ्यूगल एक्सपेंशन' के कारण हाई-स्पीड कपलिंग में बाहरी रिंग विफल हो गई।

2026-06-16 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस विफलता मोड में, शाफ्ट की घूर्णी गति रिंग की 'क्लिंगिंग स्पीड' से अधिक हो गई। जैसे-जैसे गति बढ़ती गई, केन्द्रापसारक बल $F_c = m r imes ext{omega}^2$ ने रिंग के लोचदार 'क्लिंग' बल पर काबू पा लिया। एक बार जब रिंग का विस्तार हुआ और खांचे के नीचे से संपर्क टूट गया, तो यह शाफ्ट से स्वतंत्र रूप से घूमने लगा। इस घर्षण के कारण स्थानीय...

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इस विफलता मोड में, शाफ्ट की घूर्णी गति रिंग की 'क्लिंगिंग स्पीड' से अधिक हो गई। जैसे-जैसे गति बढ़ती गई, केन्द्रापसारक बल $F_c = m r imes ext{omega}^2$ ने रिंग के लोचदार 'क्लिंग' बल पर काबू पा लिया। एक बार जब रिंग का विस्तार हुआ और खांचे के नीचे से संपर्क टूट गया, तो यह शाफ्ट से स्वतंत्र रूप से घूमने लगा। इस घर्षण के कारण स्थानीय ताप पैदा हुआ, जिससे सामग्री की उपज शक्ति कम हो गई और आगे विस्तार हुआ। अंततः, रेडियल बाधा की कमी के कारण अंगूठी खांचे से 'बाहर' निकल गई। फिक्स में 'सेल्फ-लॉकिंग' रिंग डिज़ाइन का उपयोग करना या रिंग के क्रॉस-सेक्शन को बढ़ाना शामिल है ताकि इसके द्रव्यमान-से-कठोरता अनुपात को अनुकूल रूप से बढ़ाया जा सके।

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