Answer
तरंग स्प्रिंग के लिए स्प्रिंग दर $k$ तरंगों की संख्या $N$ के घन के समानुपाती होती है। सूत्र $P/f = k = \frac{E b t^3 N^4 K}{D_m^3}$ से, हम देखते हैं कि तरंगों की संख्या को $N=3$ से $N=6$ तक दोगुना करने से कठोरता 16 ($2^4$) के कारक से बढ़ जाती है, यह मानते हुए कि अन्य सभी पैरामीटर स्थिर हैं। यह अत्यधिक संवेदनशीलता डिजाइनरों को बहुत कम वृद्धि में लोड को ठीक करने की अनुमति देती है। हालाँकि, $N$ बढ़ाने से तरंगों के एक-दूसरे के साथ हस्तक्षेप करने से पहले अधिकतम संभव विक्षेपण $f$ कम हो जाता है, जिससे भार क्षमता और स्ट्रोक के बीच संतुलन की आवश्यकता होती है।